आपणो ढ़ुंढ़ाड़

बारामं

ढ़ुंढारी: - ई बाषा को नाऊ ढ़ुंढारी छ। ई भाषा न्अ बोलबाळा लोगबाग ढ़ंढ नन्दी की तिर प रेव्अ छा। ढ़ुंढारी बोली बोलबाळा लोगबाग जैपर, टोंक अर दौसा मं रेव्अ छ। जैपर गुलाबी रंग को नगर छ ज्यो राजस्थान की राजधानी छ। जैपर न्अ बणाबाळा महाराजा सवाई जैसिंग छ। जैपर मं हवा महल अर जंतर मंतर इतिहास का पेचाण छ।
टोंक एक मुस्लिम जिलो छ अर इको पराणो नाऊ रेड्‍डी छो। टोंक क साकड्अ एक गाऊ छ जिको नाऊ रेहड छ। टोंक मं एक राष्ट्रीय संग्रहालय छ जिको नाऊ अरबी अर पारसी अनुसंधान संस्थान छ अर पेपेर मेसी को काम अर गुमानपुरा को हाथी भाटो खास देखबा की ऐतिहासिक चिजा छ। दौसा का बान्दी कुई मं एक रोमन केथोलिक चर्च छ ज्यो दौसा सुं 35 किलोमीटर आतरअ छ जिन्अ अंग्रेजा का जमाना मं बणाया छा यो छोटो चरच देखबा मं सुवावणो छ।